बुधवार, 19 फ़रवरी 2014

एक बात

एक बात 
बातें तो बहुत सारी होती हैं कहने को पर कुछ बातें ऐसी होती हैं जो जेहन से नहीं निकलती, ऐसे ही एक बात है जो मैं सबसे शेयर करना चाहती हूँ.
मै जब बहुत संघर्ष में घिरी थी और हर ओर से निराशा का सामना करना पड़ रहा था तब ऐसा लग रहा था मानो जिंदगी ठहर गई हो और समय लग रहा था ऐसे ही निकल जायेगा.  जिन्दगी का कुच्छ भी मतलब नहीं रहा था. ऐसे ही समय पर एक व्यक्ति ने मुझसे कहा था.
" समय नहीं गुजरता पर लोग गुजर जाते हैं. सो स्वयम को गुजरने मत दो ओर अपने जीवन को एक मतलब दो, संघर्ष जीवन का हिस्सा है, ये समय भी गुजर जायेगा, हिम्मत मत हारो."

8 टिप्‍पणियां:

  1. "संघर्ष जीवन का हिस्सा है, ये समय भी गुजर जायेगा"
    शाश्वत सत्य - सही कहा था "हिम्मत मत हारो"
    सच्चा सन्देश देती प्रस्तुति - धन्यवाद्

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  2. अच्‍छी लगी आपकी रचना .. इस नए चिट्ठे के साथ हिन्‍दी चिट्ठा जगत में आपका स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

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  3. कली बेंच देगें चमन बेंच देगें,
    धरा बेंच देगें गगन बेंच देगें,
    कलम के पुजारी अगर सो गये तो
    ये धन के पुजारी
    वतन बेंच देगें।


    होली की पूर्व संध्या पर मिलना खूब रहेगा .... कहें तो अपने संग ढोल-झाल भी ले आयेंगे ..... फागुन का रंग खूब जमेगा
    हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में प्रोफेशन से मिशन की ओर बढ़ता "जनोक्ति परिवार "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . नीचे लिंक दिए गये हैं . http://www.janokti.com/ ,

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  4. नमस्कार,
    चिट्ठा जगत में आपका स्वागत है.
    लिखती रहें! शुभकामनाएं.

    [उल्टा तीर]

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