गुरुवार, 8 मार्च 2018

8 मार्च - अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस

वो

सुबह होते ही
वो उठती है
और;
कुँए से
पानी भरकर लाती है.
फिर नहाकर;
चूल्हा जलाती है,
पर...
चूल्हा बुझ जाता है.
वो
धौंकनी से फूंक मारती है;
पर
गीली लकड़ी
एक फूंक में
नहीं जल पाती है.
फिर एक बार,
वो
कोशिश करती है.
इस बार,
केवल धुंआ उठता है.
जो
उसकी आँखों में;
कुछ और तो नहीं;
पर
आंसू दे जाता है.
इतने में;
सास चिल्लाती है.
जल्दी कर
तेरे मायके वाले:
क्या चूल्हा जलाएंगे...?”,
उसकी आँखों में
एक बार फिर;
पानी भर आता है.
पर
वो
उसे पल्लू से
पोंछ लेती है.
और
चूल्हे पर झुककर;
ये कहते हुए...
“ हाँ...माजी
बस करती हूँ”.
धौंकनी से जल्दी से
फिर
लकड़ी जलाने की
फिर कोशिश करती है.


वीणा सेठी 

सोमवार, 18 दिसंबर 2017

मेरी कविता - जीवन


जीवन




चित्र - google.com

जीवन
तुम हो  
 एक अबूझ पहेली,
न जाने फिर भी 
क्यों लगता है
तुम्हे बूझ ही लूंगी.
पर जितना तुम्हे 
हल करने की 
कोशिश करती हूँ,
उतना ही तुम 
उलझा देते हो.
थका देते हो.
पर मैंने भी ठाना है;
जितना तुम उलझाओगे ,
उतना तुम्हे 
हल करने में;
मुझे आनद आएगा.
और
इसी तरह देखना;
एक दिन 
तुम मेरे 
हो जाओगे. 
(वीणा सेठी)

मंगलवार, 12 दिसंबर 2017

हंसिकाएं.....1

पति-पत्नी...1

पति से बोली पत्नी:
शादी के पहले मेरा फिगर;
था बिल्कुल कोक की बोतल .
यह सुन पति बोला:
डार्लिंग! ठीक कहती हो;
पहले था वह 300 एम् एल,
अब है डेढ़ लीटर.





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पति-पत्नी ...2

पत्नी बोली पति:
डार्लिंग काश...!
तुम होते अदरक;
मै तुम्हे कूटती जीभर .


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पति-पत्नी...3

पत्नी बोली पति से:
तुम २००० का नोट हो;
ख़ुशी से बोला 'कैसे?'
न तुम फेंके जा सकते हो,
न चेंज हो सकते हो.

(वीणा सेठी)

सभी चित्र- google.com से धन्यवाद सहित उधार

शुक्रवार, 8 दिसंबर 2017

क्षणिकाएँ..................2

जीवन-मृत्यु


चित्र -सौजन्य google.com
1
पेड़ पे ऊगी कोंपल;
बन हरा पत्ता,
फिर मुरझाया;
डाल से टूट गया.

2
मुठ्ठी में भरी रेत;
धीरे से फिसली
और मुठ्ठी रीत गई.

3
खेत में लहलहाई 
फसल;
पककर कटी,
खेत खाली कर गई.

4
पानी का बुलबुला;
धीरे से उठ,
सतह पर आया;
फिर विलीन हो गया.

5
भोर में;
आसमां से पत्ते पर गिरी
ओस की बूंद,
सूरज के सर चढ़ते ही,
हवा हो गई.
वीणा सेठी




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शुक्रवार, 27 अक्तूबर 2017

#CeleberatingSuper दे रहा है मौका...पर्यावरण बचाने का....



अपना personal Eco-System

         इस बार दिवाली से पहले सुप्रीम कोर्ट ने Delhi-NCR में फटाखों पर पूरी तरह से ban कर दिया था और हुआ क्या ..? जैसा कि हम भारतीयों की आदत है हम कानून की धज्जियां उड़ाने में हमेशा आगे रहे हैं, इसलिए दीवाली पर Delhi-NCR में पटाखों की जमकर धुलाई की और देश की सबसे बड़ी अदालत की पर्यावरण के प्रति गंभीर चिंता मखौल उड़ाया गया. दिल्ली की हवा कितनी प्रदूषित हो चुकी है, ये सब जानते हैं और मानते भी हैं पर... किसे परवाह ? गंगा मैया जैसे हमारे पाप धोती है वैसे ही जमुना मैया हमारे पर्यावरण को सम्हाल लेंगी. बेहद शर्मनाक है की हम हमारे देश के कानून का सम्मान नहीं करते और शायद दिमागी तौर पर भी इतने दिवालिया हो चुके हैं कि अपने अस्तित्व के प्रति भी संवेदनशील नहीं रहे. शायद ये हमारी केकड़ा प्रवृति ही है जो ये सोचने पर मजबूर करती है कि "सनम हम तो डूबेंगे और तुम को भी ले डूबेंगे". " कुछ तो शर्म करो...!" अपना न सही तो अपनी आने वाली पीढ़ी का ख्याल कर लो... उन्हें विरासत में क्या प्रदूषित वातावरण दे कर जाओगे.. जिसमें सांस लेने के साथ ही उनके अन्दर कई बिमारियों का भी बसेरा होगा".#CeleberatingSuper दे रहा है मौका...पर्यावरण बचाने का.

  का   बहुत दूर जाने की भी जरुरत नहीं है, केवल थोड़े सी कोशिश से ही हम अपने environment को बचा सकते हैं और इन छोट-छोटे प्रयासों का मिलाजुला रूप ही एक बड़े प्रयास को जन्म देगा. केवल हमें इतना करना है कि हमें अपने personal eco-system को बनाना होगा. "अब आप सोच रहे होंगे...? eco system तो सुना है पर ये personal eco-system क्या है...?" तो चलिए ये भी बता देते हैं...! आप Eco System से तो वाकिफ़ ही होंगे. अगर नहीं हैं तो ये भी बता देते हैं ताकि आप हमारी बात को बेहतर ढंग से समझ सकें. पेड़-पौधों और जीवित प्राणियों का एक क्षेत्र की जलवायु और वहाँ के पर्यावरण के साथ तालमेल बैठा कर जीना. याने हर स्थान का अपना एक eco system हो सकता है और ये सब मिलकर एक बड़े eco system को बनाते हैं. इसी तरह से हम एक personal eco system को develop कर सकते हैं और ये हमारे घर और घर के आसपास को मिलाकर बनता है याने आप के घर की boundry wall के भीतर eco system बिल्कुल आपका personal होगा.
कुछ उपाय तो बेशक पढ़ने में नए नहीं लगेंगे पर इन्हें एक बार फिर से देखने पर शायद कुछ याद आ जाये कि आप क्या मिस कर रहे हैं :-
# घर paint करते समय latex paint का उपयोग करें.
# एक tune-up प्राप्त कें. इससे आपके वाहनों को बेहतर mileage मिलेगी और pollutants कम उत्सर्जित होंगे.
# अपने गैस टैंक को ऊपर से न बंद करें.
# अपने घर के yard कचरा न जलाएं.
# उर्जा की बचत कर्रें.
# घर में पेड़-पौधे लगायें.
# घर में chemicals और pesticides का इस्तेमाल न करें.
# waste products को अधिक से अधिक recycle करें.
  ये तो हुआ व्यक्तिगत तौर पर अपने personal eco system को बचाने के कुछ उपाय. पर अब एक बात और भी बतानी है, वो ये कि अगर हमारे घर का वातावरण polluted है तो उसे clean और purify करना भी हमारा कर्तव्य है. इसके लिए भी कुछ रामबाण उपाय हैं. " चौंक गए न...! अरे जनाब चौंकने की जरुरत नहीं है.. आप भी जानते हैं की प्रकृति के पास हर तरह के उपाय मौजूद हैं ...बस... जरुरत उसे समझने और पहचानने की है. चलिए... आपकी ये परेशानी भी दूर किये देते हैं... आपको कुछ ऐसे plants से मिलवाते हैं जो हमारे पर्यावरण याने हमारे personal eco system को बचाने में हमारी दिल खोल के मदद करेंगे..."
" चलिए...! आपको इनसे रूबरू करवाया जाये....:-
* Alovera - ये घर के लिये बेहद ही फायदेमंद plant है. इसके medicinal फायदे तो जगजाहिर हैं. पर  ये वातावरण से carbon di oxide और carbon monoxide को absorb करता है और हवा को शुद्ध करता है. नौ air purifyres का काम एक एलोवेरा का plant करता है.

* Fikus- इसके देखभाल आसानी से की जा सकती है. और ये कम रौशनी में भी पनप सकता है. ये बड़ी ही सरलता से हवा में मौजूद formaldehyde को साफ़ कर हवा को शुद्ध कर देता है. पर इसे बच्चों और pets से दूर रखें क्योंकि इस्मेमं poison हो सकता है.



*Ivy- ये बिल्कुल जरुरी herb है. ये हवा से 58% feces particles और 60% toxins को 6 घंटे में दूर कर देता है. हैं न कमाल का herb....!!!

*Spider plant- ये कमाल का plant है. ये हवा से carbon di oxide, carbon monoxide, gasoline, formaldehyde और styrene को सोख लेता है और आपके घर की हवा को clean और शुद्ध कर देता है.




* Snake Plant- ये plant bed roomमें जरुर रखें क्योंकि ये रात के समय oxygen produce करता है. ये कम रौशनी में भी photosynthesis करता है.





* Peace Lilies- ये हवा से toxins को remove करता है. और हवा से formaldehyde, trichloro
ethylene को भी निकाल कर हवा को शुद्ध करता है.




अब देख लीजिये इतना कुछ है आपके पास अपने personal eco system को बचाने और इस मिलेजुले हमारे प्रयास हमारे environment को भी pollution से बचायेंगे. तो... देर किस बात कि आज से ही क्यों न शुरू किया जाए.... (वीणा सेठी)

https://www.vodafone.in/home-delhi 

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