सोमवार, 25 जून 2012

Dove-and that was the end of my hair problems!



ये जुल्फ कहीं फिर से बिखर जाये तो...

(वीणा सेठी.)

 जुल्फों का हसीनाओं  के साथ ऐसा ही रिश्ता  ऐसा है  जैसा  ओंठों  का  हँसी से Dove द्वारा प्रायोजित प्रतियोगिता को देखकर ओठ जैसे बरबस ही गुनगुना उठे थे" ये जुल्फ कही फिर से बिखर जाये तो अच्छा है..."वाकई जुल्फ होगी तो उनके बिखरने का का मजा ही कुछ और ही होगा. और देखने वाले भी कह उठेंगे की " तेरी जुल्फ के सिवा इस दुनिया में रखा क्या है...!" हम कहेंगे की अजी छोड़िये ये सब किताबी बातें हैं.! पर...अगर हमने ऐसा कह दिया तो हम ही झूठे पड़ जायेंगे.

नागिन सी काली चोटी

                      
                      चलिए ये तो हो गई शायराना  बातें, अब हकीकत ये दो-चार हुआ जाये; ये सच है की हमारी जुल्फों को कोइ भी घनेरी घटा कह दिया करता था और हम मन ही मन मुस्करा दिया करते थे.पर...एक समय ऐसा भी आया जब हमारी  नागिन की तरह लहराने चोटी याने बालों को पाला मार गया. हमारी मम्मी तो हाय..! करके रह गईं. और उन्होंने तो बालों की नजर उतारने के न जाने कितने ही टोटके आजमा डाले. पर...नजर ऐसी चढ़ी थी कि उतारने का नाम ही नहीं ले रही थी.और हमारे बाल थे की धीरे-धीरे सुखी घास की मानिंद लगने लगे. बाल रूखे और झाड़ी जैसे हो गए थे. जब भी बालों पर कंघी करते बाल टूट टूट कर गिरते थे. हाय...! कुंदन की तरह दमकने वाले बालों को न जाने क्या हो गया था...?? अब तो डाक्टर  का द्वार ही हमें हमारी  आखरी शरण स्थली नजर आ रहा था. पर इससे पहले की हम ऐसा कदम उठाते हमें मुफ्त  के डाक्टर मिलने लगे और वो भी बिना call किये और शुरू हो गया हमरे बालों पर अत्याचार का सिलसिला...नहीं...नहीं बालों के उपचार का सिलसिला. यदि कोई व्यक्ति अपनी सलाह दे रहा होता तो दूसरा बिन बुलाये ही बीच में अपना नुस्खा आजमाने की सलाह दे डालता और हम दोनों के बीच घडी के पेंडुलम की तरह अपना सर घुमाते रह जाते. अब जब हमने लोगों की सलाहों को अमलीजामा पहनाना शुरू किया तो हमारे बाल और भी भुस की तरह हो गए और झड-झुदा कर इतने कम हो चुके थे की वो अब केवल बेजान सुखी  घास की तरह ही दिखने लगे थे.   


 ऐसे ही एक शाम जब हम अपने बालों  के साए में उदास अपने कमरे में बैठे थे तब हमारी दादीजी का आगमन घर में हुआ, हमारी दादी के बाल आज भी अच्छे अच्छों को शर्मिंदा कर सकते हैं. घर में क्या पूरे खानदान में सब मानते हैं की उनके जैसे बाल किसी के नहीं और इस उम्र में भी उनकी घनेरी जुल्फों के बीच  सफ़ेद बाल काली घटा के बीच चमकने वाली बिजली की रेखा की तरह लगते हैं.उनके बाल देखकर तो कोई भी अश अश कर उठता है.हाँ...तो दादी ने घर में घुसते ही मुझे आवाज लगाने लगीं पर मै उनके पास नहीं गई. माँ शायद उन्हें मेरी परेशानी के विषय में बता चुकी थी. वे मेरे कमरे में आई और प्यार से मेरे सर पर हाथ फेरा और तस्सली दी की बालों की समस्या कोई बड़ी बात नहीं है, चुटकियों में हल हो जाएगी. दादी के कहने ने हमारे शरीर में मानो नई जान पड़ गई.
और फिर आपको क्या बताएं...!! बाकि तो इतिहास बन गया.हमारे बालों की फसल एक बार फिर लहलहा उठी.पर ठहरिये कैसे ...?? ये तो जान लीजिये ये सब हम आपके साथ बटने लो लालायित हो रहे हैं. दादीजी के नुस्खे और हमारे बालों की कहानी कुछ ऐसी रही...


 बाल बचाओ अभियान की शुरुआत इस तरह से हुई :-

दादी ने समझाया  कि बालों को सबसे पहले जरुरत है पोषण की जिसकी कमी से बालों की जड़े कमजोर हो गई थइ. जिसके लिए उन्होंने गुनगुने  जैतून के तेल की मालिश की और वो भी उँगलियों की पोरों से इतनी धीरे-धीरे की मुझे तो नींद आने लगी.उसके बाद हलके गर्म पानी में निचोड़ा हुआ तोलिया सर पर लपेट देती थीं और ऊपर से पोलिथीन से सर को ढांक देती थी जिससे की बालों को भाप पूरी तरह से मिले और तेल बालों की जड़ों में पूरी तरह से जब्ज हो जाये, कोई २-३ बार वे ऐसा करती थी और इसमें कोई २० मिनिट के करीब लग जाता था.

दादी  ने अपने पूरे ज्ञान की का भंडार खोल दिया.उन्होंने home made shampoo, conditioner,tonic बनाकर मेरे बालों का उपचार शुरू किया. और २ महीने में ही मेरे बालों को पहले जैसा बना दिया. मेरे बालों को देखकर कोई नहीं कह सकता था की वे बजान और रूखे बिलकुल सुखी घास की तरह थे.

ये सब कवायद २-३ महीने तक चली पर इन सब homemade hair products ने मेरे बेजान, रूखे और पूरी तरह से चमक खो चुके बालों पर जादुई असर दिखाया और मेरे सर कि बंजर जमीं से सूखी और बेजान घास जैसे बालों कि जगह सुंदर और काले लहराते बालों ने ले ली.मेरे बालों कि पुरानी शान वापिस  आ चुकी थी.

दादी ने मेरे बालों का कायाकल्प कर दिया था और मै शान से अपने बालों को लहराती घूम रही थी...लगता था मानो बालों पर फिर से सावन लहराने लगा है...पर वो भी चार दिन की चांदनी साबित हुआ. कोई महिना एक बीता ही होगा की लगने लगा बालों की चमक फिर से कुछ मद्धिम पड़ने लगी है,
 अपने बालों का जो हाल हुआ था वो मै भूली नहीं थी .... कुछ और दिन बीतते न बीतते बालों का वही पुराना हाल हो गया.
मेरे बाल एक बार फिर से बेजान घास फूस जैसे हो गए थे...अब दादी तो थी नहीं जो मुझे फिर से एक बार प्रेरित करती की मै वही सब करूँ पर ....मैंने इस बार सोच लिया था कि अब घरेलू नुस्खों कि जगह कुछ और किया जाये...तो मुझे internet, T.V. कि शरण में जाना पड़ा.

Dove मेरे लिए कोई नया नाम नहीं था. Dove beauty soap कि तो मै सालों से दीवानी रही हूँ और उसे regular इस्तेमाल करती आ रही हूँ. सो जब Dove hair damage therapy के reviews internet पर पढ़े और TV पर उसके commercial देखे तो अपने आप को रोक नहीं पाई और बाजार से वो प्रोडक्ट खरीद ही लाई.

Dove Shampoo जो आपकी भी पसंद बनेगा ...क्यों...?? आइये में आपको बताती हूँ. सबसे पहले तो  इसकी packaging ने ही मेरा मन मोह लिया ...और जब  मैंने Dove shampoo की bottle से squeeze करके shampoo निकल कर हाथों में लिया तो उसकी भीनी खुश्बू से मन अंदर तक महक गया....और तो और bedroom में बैठी मेरी छोटी बहन बोल उठी .." दीदी ...!कौन सा...perfume use कर रही है...?" मै हंस पड़ी और कहा ." बूझो नो जाने....?'  कहकर बाथरूम में घुस गई और  बालों पर  shampoo लगाया जब बालों को धोने के लिए शामू हाथों में लिए तो दूसरे  शम्पू जो आज तक इस्तेमाल किये थे उनसे फर्क पहली बार में ही पता चल गया ये हाथों में चिपक नहीं रहा था और बेहद हल्का  महसूस   हुआ. बालों में लगाने के बाद बालों को शोवेर के निचे धोया तो बाल देहाद हके कगे. उसके बाद बालों में conditioner लगाया. थोड़ी देर के लिए बालों को ऐसे ही छोड़ दिया और फिर ताजे अपनी से बालों को अच्छी  तरह से धोया ताकि conditioner बालों में न रह जाए. बालों में  Dove conditioner और shampoo एक दिन के अन्तराल में हफ्ते में ३-४ दिन लगाया.
Dull lifeless hair




long hair  after therapy

                                                                                                                   
Dove shampoo और  conditioner इस्तेमाल करने के परिणाम बेहद आश्चर्यजनक निकले....इसकी सुगन्ध  बालों को धोने के बाद भी बालों में बनी रहती है, बेहद भीनी सी खुश्बू मेरे सारा दिन को महका देती है और दिमाग बिलकुल तरोताजा रहता है.
शुरू के एक हफ्ते तो परिणाम नहीं निकले  पर दूसरे हफ्ते में बेहद चौकाने  वाले निकले, मेरे बालों का टूटना लगभग कम हो गया.और मेरे बालों में पहले वाली shine भी लौटने लगी.

एक और खास बात जो Dove shampoo को दूसरे shampoo से अलग करती है वो है ये शम्पू दूसरे shampoos से थोडा  हल्का है इसलिए धोने के बाद बालों से आसानी से निकल जाता है.एक और खास बात जहाँ दूसरे शम्पू को इस्तेमाल करने के बाद बालों का रूखापन  बढ़ जाता था Dove से ऐसा नहीं हुआ, बल्कि बालों में एक softness और  बालों में bounce आ गया.

एक हफ्ते के बाद मेरे बालों  की पुरानी रौनक लौट आई.मेरे बाल अब पहले जैसे चमकदार, लहराते हुए और soft हो  गए  थे, ये एक अनोखी बात थी जिसे मैंने शिद्दत से मेहसूस किया था.
एक बात और Dove shampoo और Conditioner के दाम भी बेहद किफायती हैं आपकी जेब पर बोझ  नहीं बनेगे.


कुछ दिनों के बाद मुझे अपनी घनेरी जुल्फों में खुद का चेहरा छुपाना अच्छा लग रहा था.और उस दिन से मेरी और Dove के बीच  कि bonding और भी मजबूत हो चुकी थी, आज Dove ये सौगात अब मै दूसरों  में बाँट रही हूँ. और मेरे बाल....उफ़.! नजर न लगे ...आज तो उनको देखकर मै खुद ही शायर बन गई हूँ....

"मेरी रश्मि जुल्फों कि छाँव में;                                      
 एक राज मुझे ही गुजार लेने दो,       
क्या पता कल इस छैयां कि  

नागिन सी लहराती चोटी  न बन जाये.!"(वीणा सेठी.)


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