बुधवार, 15 मई 2013

मेरी शब्द यात्रा ------2

बुराई और अच्छाई के दो शब्द..'कु' और 'सु'.

जीवन के विभिन्न पहलू सिक्के के दो पहलू की तरह ही होते हैंहर पहलू के दो छोर होते हैंजीवन का एक पहलू ख़ुशी है तो दूसरा पहलू ग़म हैऐसे ही दुनिया में अच्छाई के साथ बुराई भी जुडी है, वास्तव में देखा जाये तो किसी एक पहलू का महत्व दूसरे पहलू के बिना अधूरा है या उसका अस्तित्व दूसरे पहलू के मौजूद होने पर ही है

जीवन का एक महत्वपूर्ण पहलू 'अच्छाई' और इससे जुड़ा 'बुराई' है

दुनिया की सारी बुराई 'कु' शब्द से जुड़ी है....................................................
वैसे ही दुनिया की सारी अच्छाई "सु" शब्द से जुड़ी है.................................. ।

बुराई के लिए 'कु' शब्द संज्ञा के साथ जोड़ देने पर वह शब्द बुराई की श्रेणी में जाता है
' कु' शब्द का अर्थ है बुरा
कुविचार- बुरा विचार, कुकृत्य- बुरा काम, कुख्यात- बदनाम, कुगति- बुरी स्थिति , कुचेष्टा- बुरा इरादा , ऐसे ही जाने कितने शब्द हिंदी शब्द कोष मने होंगे जो बुराई का अर्थ व्यक्त करते हैं

'सु' शब्द का अर्थ होता है अच्छा
सुविचार- अच्छा विचार, ऐसे ही सुकाम, सुगति, सुसंस्कार जैसे शब्द अच्छाई को परिभाषित करने वाले है
व्यक्ति अपनी अच्छाई या बुराई से पहचाना जाता है और समाज में अपने लिए सम्मान  या अपमान की का मार्ग प्रशस्त करता है.
---------------------------------वीणा   सेठी -------------------------------------------------------------------------























1 टिप्पणी:

  1. बढ़िया प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई.
    ढेर सारी शुभकामनायें.

    संजय कुमार
    हरियाणा
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com

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