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शनिवार, 4 जून 2011

कविता..........2


आज ५ जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर मेरी ये कविता 
पर्यावरण हो हरा भरा.........



नदी सागर

मेघ बन


उड़ जाता आकाश में;



ज्योहीं देखा ' वन '


बरस पड़ा उल्लास में.



टप टप बूंदे टपकी;


बदल गए खेत-खलिहान


हरियाले लिबास में.



देखो थिरकती है धरती


खुशियों की उजास में.



पर्यावरण हो हर-भरा.


रहे हम ऐसे प्रयास में.

save the environment, save the forest- the natural forest, stop deforestation. that is must to check the green house effects and to save the earth.

रविवार, 2 जनवरी 2011

बात एक अनकही सी----------7(नए साल में संकल्प )

नए साल में आइये ये संकल्प क्यों करें...............................????
,

एक साल और व्यतीत होने पर नया साल आता हैऔर यही समय की निरंतरता हैहर आने वाले नए साल में हर व्यक्ति के मन में कुछ कुछ नया संकल्प जन्म लेता हैउस संकल्प को कितने लोग निभाते हैं और कितने लोग उस संकल्प को साल भर निभाते हुए ले जाते हैं ये जानना मुश्किल हैजीवन की इस आपा-धापी में अपने व्यक्तिगत से भहर निकलकर भी कुछ संकल्प सामुदायिक स्तर पर या वैश्विक स्तर पर भी हो सकते हैं

आज विश्व स्तर पर जिस बिंदु पर सारा विश्व केन्द्रित हो रहा है वह है "पर्यावरण" और पर्यावरण से केवल तात्पर्य है पर्यावरण का बचाव और उसका संरक्षण
इन्सान अपने व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए पृथ्वी का जिस तरह से दोहन कर रहा है और किया है उससे पर्यावरण का विनाश और संतुलन बिगाड़ा है और इस असंतुलित पर्यावरण के परिणाम हम भुगत रहे हैं.और आगे ;भी भुगतते रहेंगे
सबसे गंभीर और विचारणीय प्रश्न तो यह है की हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को कैसी धरा देकर जायेंगे...
"
वीरान" .या " हरी-भरी"...............????????????


ये प्रश्न हर इन्सान को स्वयं से करना चाहिए क्योंकि यहाँ हर इन्सान दोषी हैजिन्होंने पर्यावरण का विनाश किया अपने व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए और हम उन्हें ऐसा करने की सहमति मौन होकर देते रहे , तो हम भी हुए उतने ही दोषी.....पर फिर भी अभी बहुत कुछ ऐसा बचा है जो बचाया जा सकता है

कहते हैं कि घनेरे काले बादलों में भी रौशनी कि एक सफ़ेद लकीर चमकती है ......... हम भी इस नए वर्ष में अपने स्तर पर संकल्प लें और इस पर्यावरण के विनाश को रोक लें और उसे सम्रद्ध करें.............


हमारे छोटे-छोटे प्रयास हमें हमरे आस-पास के वातावरण और पर्यावरण को साफ़, हरा-भरा और शुद्ध रखने में सहायता करेंगे। यही व्यक्तिगत कोशिश सामूहिक प्रयास में बदल हयेगी जब एक हाथ उठेगा तो देखना धीरे धीरे लोग आपका साथ देने आ जायेंगे...............

आप केवल कुछ प्रयास इस तरह से करें ................

* अपने घर में हरे पौधे अवश्य लगायें और उनका ध्यान भी रखें।

* घर के भर जो ग्रीन-बेल्ट जों है वहां घने छायादार पेड़ लगाये।

* अपने क्षेत्र के वनों में होने वाली अवैध कटाई को रकने का सामूहिक प्रयास करें।

* गाड़ी का प्रयोग जरुरत होने पर ही करें ।

* आपके कार्यक्षेत्र के लिए अगर ऑफिस कि गाड़ी है तो उसी का प्रयोग करें और यदि अआपके आस-पास रहने वालों और आपका ऑफिस एक कि दिशा में है तो आप एक ही गाड़ी से जा सकते हैं और इंधन कि बचत भी कर सकते हैं और साथ ही अपने प्रदुषण को भी रोक सकते हैं
*पोलीथिन का प्रयोग बिलकुल ही बंद कर दें यह पर्यावरण का घटक शत्रु है।

* जहाँ तक हो सके पर्यावरण-मित्र (eco-friendly) उत्पादों का प्रयोग करें
* प्राकतिक वनों के संरक्षण के लिए आगे आयें और अपने नागरिक होने का कर्त्तव्य निभाएं ।

* क्कागाज के अंधाधुंध प्रयग को रोकने के प्रयास होने चाहियें क्योंकि इसके लिए जंगलों कि लगातार कटाई हो रही है और मौसम को बनाने और बिगड़ने में इन्ही प्राकतिक वनों कि मुख्य भूमिका है.

ये हमारे नए वर्ष का संकल्प होना चाहिए..............
मै तो इस और कदम बढ़ा चुकी हूँ.............क्या आप भी ऐसा ही करेंगे...........???????

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